पीछे को पग ना भरै, आगे को पग देइ ।

पीछे को पग ना भरै, आगे को पग देइ ।
दादू यहु मत शूर का, अगम ठौर को लेइ ॥ 
आगा चल पीछा फिरै, ताका मुँह मा दीठ ।
दादू देखे दोइ दल, भागे देकर पीठ ॥ 

दादू मरणां मॉंड कर, रहै नहिं ल्यौ लाइ ।
कायर भाजै जीव ले, आ-रण छाड़ै जाइ ॥ 
शूरा होइ सु मेर उलंघै, सब गुण बँध्या छूटै ।
दादू निर्भय ह्वै रहे, कायर तिणा न टूटै ॥

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